सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

अतिथियों की भर्ती प्रक्रिया

                      62000 पदों पर होगी नियमित शिक्षकों की भर्ती 




मप्र के शिक्षा मंत्री ने आज बताया की सितम्बर में रिक्त पड़े 62000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जायगी।  इसके लिए प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड को तयारी के निर्देश दे दिए गए है। 


हालांकि इन पदों पर नियुक्ति चुनाव के बाद ही होगी।


इसके साथ ही अतिथि शिक्षकों के लिए 18000 पदों को आरक्षित किया गया है. इन पदों पर ३ वर्ष या २०० दिन अतिथि शिक्षक के रूप में सेवा देने वाले अभ्यर्थियों को रखा जायगा। 

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मप्र शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दे दिए हैं। इससे पहले यह मप्र संविदा शिक्षक भर्ती के नाम से पुकारी जाती थी। सीएम शिवराज सिंह ने ऐलान किया था कि अब मप्र में कोई संविदा भर्ती नहीं होगी अत: आगामी भर्ति को नियमित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया कहा जा रहा है। सीएम शिवराज सिंह ने यह आदेश आज मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में दिए। अभी यह तय नहीं हुआ है कि भर्ती प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड करवाएगा या किसी अन्य माध्यम से की जाएगी

बता दें कि मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती का 10 लाख उम्मीदवार इंतजार कर रहे हैं। इनमें बीएड के अलावा डीएलएड डिग्री वाले भी हैं। मध्यप्रदेश के 80 हजार अतिथि शिक्षक इस भर्ती में आरक्षण की मांग कर रहे हैं। सीएम शिवराज सिंह ने 2013 के चुनाव में वादा किया था कि हर साल संविदा शिक्षक भर्ती नियमित रूप से की जाएगी परंतु तब से लेकर अब तक एक भी बार भर्ती परीक्षा का आयोजन नहीं किया गया।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मध्यप्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा की मेरिट सूची जारी

मध्यप्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा की मेरिट सूची का प्रकाशन  लम्बे समय से चली आ रही भर्ती प्रक्रिया  को आगे बढ़ाते हुए प्रशासन ने उच्च माध्यमिक और माध्यमिक शिक्षकों की मेरिट सूची का प्रकाशन कर दिया है। अब पात्र शिक्षकों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा।  विभाग नए सत्र से पहले शिक्षकों की पदस्थापना करना चाहता है। उम्मीदवारों को अपने जिले से ही mp ऑनलाइन के द्वारा चॉइस फिललिंग करनी होगी।  लम्बे समय से चल रही है भर्ती प्रक्रिया 2018 से शुरू हुई प्रक्रिया कोरोना के कारण आगे बढ़ती गई। इसी बीच मार्च से लॉक डाउन होने और सरकार बदलने के कारण भी इस प्रक्रिया को समय पर शुरू नही किया जा सका।  बार बार प्रक्रिया के आगे बढ़ने से अभ्यर्थियों में भी बैचेनी बढ़ती जा रही थी,लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे प्राथमिकता से लेते हुए फिर से शुरू किया है,जिससे अभ्यर्थियों में फिर से एक नई उम्मीद जागी है।  20 अप्रेल से शुरू होनी थी प्रक्रिया सूची के प्रकाशन से लेकर सारि जानकारी पोर्टल के अनुसार 20 अप्रैल से शुरू होनी थी ,जिसे पोर्टल पर अपडेट किया जा चुका था लेकिन बाद में हटा दिया ग...

घर घर शिक्षक- शिक्षा के साथ नित् नए प्रयोग।

 शिक्षा की प्रयोगशाला-  मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग के नए आदेश के अनुसार अब बच्चों का घर ही उनका स्कूल बन गया है। और इनका जिम्मा मुख्य तौर पर उनके माता-पिता तथा घर वालों को दिया गया है ।स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार अब घर के एक कक्ष को स्कूल के अनुसार वातावरण देने के लिए पालक  थालिया या घंटी बजाकर नियत समय पर अपने बच्चों को पढ़ाने  बैठाएँगे ,लेकिन जिस ज्वलंत प्रश्न का उत्तर हर कोई देने से बच रहा है  वह यह है कि अगर पालक बच्चों की पढ़ाई के लिए दिन भर घर पर रहेंगे तो फिर काम कौन करेगा ?ग्रामीण अंचलों में देखा गया है कि माता पिता सुबह से ही मजदूरी और खेती के काम में लग जाते हैं ,ऐसी स्थिति में बच्चों को पढ़ाने बिठाना यह चुनौतीपूर्ण कार्य होगा।  कुछ रिपोर्ट के अनुसार जब शिक्षक घर-घर जाकर फीडबैक ले रहे थे तो उन्होंने बताया कि शहरों में तो फिर भी घर पर कोई मिल जाता है ,लेकिन ग्रामीण अंचलों के घरों में लोग ताले लगाकर खेती करने या मजदूरी करने अपने बच्चों को साथ लेकर निकल जाते हैं। और अगर बच्चे हैं भी , तो वह आस-पड़ोस में खेल...

मेरा घर मेरा विद्यालय- एक जरुरी सूचना

---दिनाँक 6.7.2020 से हर घर में बजेगी स्कूल की घंटी।  *घर के स्कूल में प्रातः 10 बजे पालक द्वारा घण्टी/थाली बजाकर स्कूल प्रारम्भ किया जाएगा, इसी प्रकार दोपहर एक बजे घण्टी/थाली बजाकर अवकाश किया जाएगा।*   *राज्य शिक्षा केन्द्र ने ''हमारा घर-हमारा विद्यालय'' योजना  1 से  8 तक की कक्षाओं के लिए तैयार की है। जिसमें बच्चों को घर पर ही स्कूली वातावरण में अध्यापन कराया जाएगा।*  भोपाल। मध्यप्रदेश के  सभी घरों में (क्लास 1 से 8वी में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के घरों में) स्कूल की घंटी 6 जुलाई 2020 से सुनाई देने लगेगी। बच्चे पढेंगे, योग करेंगे, लिखेंगे और कहानियॉ भी सुनेंगे और उन पर नोट्स तैयार करेंगे।  कोरोना संकट काल में विद्यार्थियों की शैक्षिक नियमितता बनाए रखने के लिए, राज्य शिक्षा केन्द्र ने ''हमारा घर-हमारा विद्यालय'' योजना तैयार की है, जिसमें बच्चों को घर पर ही स्कूली वातावरण में अध्यापन कराया जाएगा। योजना का शुभारंभ शनिवार को मंत्रालय में फेसबुक लाइव कार्यक्रम के माध्यम से प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी द्वारा किया गया। ...