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मध्यप्रदेश- स्कूल रहेंगे बन्द लेकिन इन्हें करना होगा काम।

मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने घोषित की 31 जुलाई तक छुट्टियां

 मध्य प्रदेश । संवाददाता ।

मध्य प्रदेश सरकार कोरोना वायरस के बढ़ते जोखिम के मद्देनजर अभी बिल्कुल भी जोखिम लेने के मूड में नहीं है । लोक शिक्षण संचनालय ने कल जारी आदेश में, स्कूल शिक्षा विभाग की 30 जून तक के अवकाश को आगे बढ़ाते हुए 31 जुलाई तक करने का निर्णय किया  है । विभाग ने इसके साथ ही साफ कर दिया है कि सिर्फ स्कूल बंद रहेंगे लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई और अन्य गतिविधियां  जस की तस चलती रहेगी ।

 आदेश आने के पश्चात शिक्षकों में गफलत की स्थिति निर्मित हो गई थी। वह समझ नहीं पा रहे थे कि क्या उन्हें स्कूल जाना है या नहीं। लेकिन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शिक्षकों को अभी नियमित स्कूल का संचालन तो नहीं करना है, लेकिन घर घर जाकर पुस्तक वितरण का कार्य तथा डीजी लेप  द्वारा संचालित कक्षाएं तथा उनका संचालन पूर्व की भांति ही करना होगा । 

6 जुलाई से शुरू होगी हलचल।

दिनांक 6 जुलाई 2020 से पुस्तक वितरण करने के पश्चात उसकी पावती लेना , प्रतिदिन 5 विद्यार्थियों के घर जाकर "मेरा घर मेरा विद्यालय" का फॉलोअप लेना तथा पालकों से चर्चा कर उन्हें होने वाली कठिनाई का समाधान करना होगा। 

कोरोना से बच कर काम करने की सलाह-

शिक्षकों के अंदर अभी भी कोरोना का डर गया नहीं है ।वह घर घर जाकर पालको से तथा बच्चों से मिलने में हिचकीचा रहे हैं । लेकिन विभाग के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अगर यह उपरोक्त क्रियाकलाप करेंगे तो बच्चों की पढ़ाई भी निरंतर बनी रहेगी तथा जब आगे स्कूल खुलेंगे तो शिक्षकों को ज्यादा दिक्कत का सामना नहीं करना होगा । 

जैसा कि आपको पता है विभाग ने "मेरा घर मेरा विद्यालय " योजना रविवार को लागू की थी तथा इस योजना से संबंधित सभी नियम और टाइम टेबल शिक्षकों को पहुंचाना शुरू कर दिए गए है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह का एक निश्चित टाइम टेबल शिक्षकों को दिया जाएगा जिसे वह आगे पालको तथा छात्रों को देंगे और उसके अनुसार प्रतिदिन होने वाली गतिविधियों की जानकारी शिक्षक पालकों और छात्रों को प्रदान करेंगे । 

प्रतिदिन घर घर जाकर शिक्षक यह अवलोकन करेंगे कि बालकों के द्वारा उक्त टाइम टेबल के अनुसार शैक्षणिक गतिविधियां करवाई जा रही है या नहीं।  वह साथ में रजिस्टर ले जाकर उनका फीडबैक तथा उन को होने वाली दिक्कत का लेखा भी लिखेंगे । इसी प्रकार पूर्व में शुरू की गई डिजीलेप डिस्टेंस लर्निंग योजना विभाग सफलतापूर्वक संचालित कर रहा है। तथा इसमें भी शिक्षकों की रुचि दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं । 

इसका फीडबैक भी विभाग को काफी अच्छा मिल रहा है । कुछ समस्याओं की जानकारी मिलने पर जैसे सभी पालको के पास एंड्राइड मोबाइल ना होना , मोबाइल का ना होना , मोबाइल होना लेकिन इंटरनेट वाला मोबाइल नहीं होना इन दिक्कतों का समाधान करते हुए विभाग ने इस कार्यक्रम "मेरा घर मेरा विद्यालय" की शुरुआत की इसमें इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि जिन पालकों के पास एंड्रॉयड मोबाइल या नेट पैक नहीं है वह अपने आसपास उपलब्ध एंड्राइड मोबाइल वाले पालकों से मिलकर अपने बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाते हुए अध्ययन करवा सकें, और इसी बात की निगरानी करने के लिए अब दायित्व शिक्षकों को सौंपा गया है । 

 योजना का भविष्य


विभाग की योजना सुनने में तो काफी शानदार है, अब देखना यह होगा कि असलियत में यह कितना काम कर पाती है।
 शिक्षक भी अब मानसिक रूप से अपने आप को इस नई परिस्थिति के अनुसार तैयार कर रहे हैं, तथा वह भी अब कोविड-19 इस काल में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए कटिबद्ध है।


विभाग द्वारा निकाला गया 29/6 /2020 का आदेश


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