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मध्यप्रदेश - वार्षिक वेतनवृद्धि पर रोक!

कर्मचारियों और अधिकारियों की वेतनवृद्धि पर रोक







 मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश के कर्मचारियों और अधिकारियों के डीए और एरियर्स पर लगी रोक यथावत जारी है। लेकिन इसी बीच अब खबर आ रही है कि वित्त विभाग ने इस वर्ष लगने वाली वार्षिक वेतन वृद्धि पर भी रोक लगाने का निर्णय लिया है । इस संबंध में मसूदा बनाकर मुख्यमंत्री के अनुमोदन के लिए फाइल आज शाम तक भेजे जाने की संभावना है । अगर मुख्यमंत्री इसके ऊपर अपनी सहमति दे देते हैं तो प्रदेश के लगभग साढे सात लाख कर्मचारियों और अधिकारियों को मिलने वाला वार्षिक वेतन वृद्धि का बढ़ा हुआ वेतन इस माह नहीं मिल पाएगा। ज्ञात रहे कि वित्त विभाग ने इससे पहले पोर्टल की खराबी को और सॉफ्टवेयर अपडेटिंग को कारण बताते हुए वार्षिक वेतन वृद्धि नहीं दिए जाने के बारे में जानकारी दी थी लेकिन अब यह स्पष्ट हो चुका है कि आईएफएमएस पोर्टल पर वार्षिक वेतन वृद्धि का ऑप्शन डिसएबल कर यह प्रक्रिया पहले से ही विभागीय स्तर पर चल रही थी। मध्य प्रदेश के कर्मचारी और अधिकारी जो पहले ही डीए तथा अपने एरियर से वंचित है उन पर एक और मार वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने पर पड़ी है ।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार डीए, एरियर का भुगतान चाहे अभी ना करें पर वेतन वृद्धि तो दी जा सकती हैं। अन्य प्रदेशों से भी अभी वेतन वृद्धि रोके जाने के संबंध में कोई आदेश नहीं निकले हैं । इसलिए इस आदेश का कर्मचारी संगठन जरूर विरोध करेंगे।

कोरोना बनी वजह?


 सरकार का कहना है कि कोरोना से लड़ने के लिए आपात बजट की व्यवस्था करनी पड़ रही है । जिसके कारण मध्यप्रदेश की माली हालत बिगड़ गई है।  केंद्र से भी उसे किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिल रहा है ऐसी परिस्थिति में इस वर्ष वेतन वृद्धि देने पर प्रदेश पर वित्तीय संकटऔर बढ़ जाएगा।


कुछ प्रश्न ये भी उठे है??

गौरतलब है कि सरकार पैट्रॉल ओर डीजल पर पहले से ही बहुत ज्यादा टैक्स जनता से वसूल रही है, कही वित्तीय स्थिति का हवाला देकर फिर से टैक्स वर्द्धि करने की योजना तो नही?

प्रश्न यह भी उठता है कि जब केंद्र में भी सत्ता समान पार्टी की है तो फिर उधर से मदद क्यो नही मिल पा रही जबकि अभी विधानसभा चुनाव होना शेष है। वर्तमान सरकार के लिए ये एक विकट समय है। 

या फिर ये सिर्फ पहले ना ना ओर बाद में हाँ करवा कर कर्मचारियों का हितेषी बनने का एक संदेश मात्र है जिसका फायदा चुनाव में सत्ताधारी दल उठाना चाहता है?

खेर प्रश्न अपनी जगह है जवाब तो देर सवेर मिलेगा जरूर। 


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